स्वप्न की सामग्री की व्याख्या करके अचेतन इच्छाओं, भावनाओं और संघर्षों को समझने की मनोवैज्ञानिक विधि है। फ्रायड और युंग इसके प्रमुख सिद्धांतकार हैं।
जब शरीर पुराने अनुभवों पर प्रतिक्रिया देता रहता है, भले ही मन पूरी तरह याद न कर पाए कि क्यों।
समाज और संस्कृति द्वारा पुरुषों और महिलाओं से अपेक्षित व्यवहार, दृष्टिकोण और विशेषताओं के मानदंड हैं। ये समय और संस्कृति के अनुसार बदलते रहते हैं।
काम में जुनूनी रूप से डूबे रहने की स्थिति जिसमें स्वास्थ्य, रिश्ते और जीवन का संतुलन बिगड़ जाता है। मेहनत से काम करने से अलग, इसमें काम रोक न पाने की नियंत्रण की कमी मुख्य समस्या है।
जॉन बॉल्बी अनुराग सिद्धांत (Attachment Theory) के जनक हैं, जिन्होंने बताया कि शैशवावस्था में देखभालकर्ता के साथ बनने वाला भावनात्मक बंधन जीवनभर के संबंध पैटर्न को प्रभावित करता है। उन्होंने वैज्ञानिक रूप से सुरक्षित अनुराग के महत्व को सिद्ध किया।
जॉन वॉटसन व्यवहारवादी मनोविज्ञान के संस्थापक थे, जिन्होंने तर्क दिया कि मनोविज्ञान को केवल देखे जा सकने वाले व्यवहार का अध्ययन करना चाहिए। प्रसिद्ध 'लिटिल अल्बर्ट' प्रयोग के माध्यम से उन्होंने दिखाया कि भावनाएं भी सीखी जाती हैं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफ़ॉर्म के अत्यधिक उपयोग से होने वाली मानसिक थकान का एक अनोखा रूप है। आमने-सामने की बातचीत से अलग तरीके से मस्तिष्क को काम करना पड़ता है, इसलिए यह थकान उत्पन्न होती है।
पहला सत्र वह पहली बार की मुलाकात है जब आप अपने परामर्शदाता से मिलते हैं। यह एक-दूसरे को जानने, परामर्श की दिशा तय करने और एक सुरक्षित संबंध की शुरुआत करने का अनमोल पहला कदम है।
टीम के सदस्यों के बीच परस्पर क्रिया और संबंधों के पैटर्न को टीम डायनेमिक्स कहते हैं।
बरसात के दिनों में मूड खराब होना सूरज की रोशनी की कमी से जुड़ी एक जैविक प्रतिक्रिया है। सही तरीकों से इस मूड को संभाला जा सकता है।
21 प्रश्नों वाला एक स्व-रिपोर्ट प्रश्नपत्र जो चिंता के लक्षणों की तीव्रता मापने के लिए उपयोग होता है।
21 प्रश्नों वाला एक स्व-रिपोर्ट प्रश्नपत्र जो अवसाद के लक्षणों की तीव्रता मापने के लिए उपयोग होता है।
यह एक संज्ञानात्मक शैली है जो यह दर्शाती है कि व्यक्ति अपने आसपास के परिवेश (क्षेत्र) से कितना प्रभावित होता है या स्वतंत्र रूप से निर्णय लेता है। यह अवधारणा बताती है कि हर व्यक्ति की जानकारी संसाधित करने की अपनी अनूठी शैली होती है।
यह विचार कि मस्तिष्क के दाएँ और बाएँ हिस्से कुछ अलग कामों में अधिक विशेषज्ञ हो सकते हैं।
डूम स्पेंडिंग भविष्य के बारे में चिंता और निराशावाद से प्रेरित आवेगपूर्ण खरीदारी की प्रवृत्ति है — जब भविष्य निराशाजनक लगे तो वर्तमान में आराम खोजने का तरीका।
यह आपकी अंदरूनी गहरी भावना है कि आप किस लिंग से संबंधित हैं। यह जैविक लिंग से मेल खा सकती है या अलग भी हो सकती है।
यह अपने लिंग के बारे में आंतरिक अनुभव और जागरूकता है। यह जैविक लिंग से मेल खा सकती है या अलग हो सकती है, और यह एक बहुत ही व्यक्तिगत क्षेत्र है।
जाँ पियाजे संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के जनक थे, जिन्होंने यह सिद्ध किया कि बच्चे उम्र के साथ दुनिया को समझने के तरीके में गुणात्मक रूप से बदलते हैं। उन्होंने संज्ञानात्मक विकास की चार अवस्थाएँ प्रस्तुत कीं — संवेदी-गामक अवस्था से लेकर औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था तक।
जॉन काबट-ज़िन माइंडफुलनेस-बेस्ड स्ट्रेस रिडक्शन (MBSR) प्रोग्राम के संस्थापक हैं, जिन्होंने पूर्वी ध्यान परंपराओं को वैज्ञानिक रूप से पश्चिमी चिकित्सा में शामिल किया। उन्होंने माइंडफुलनेस को आधुनिक मनोचिकित्सा और स्वास्थ्य देखभाल में लाने में केंद्रीय भूमिका निभाई।
अमेरिकी मनोवैज्ञानिक जिन्होंने person-centered therapy विकसित की और सहानुभूति, प्रामाणिकता तथा बिना शर्त स्वीकृति पर ज़ोर दिया।
पॉल एकमैन भावनाओं और चेहरे के भावों के शोध के विश्व-प्रसिद्ध विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने यह सिद्ध किया कि मूल भावनाएं सभी संस्कृतियों में सार्वभौमिक होती हैं। वे सूक्ष्म-भावों के विश्लेषण द्वारा झूठ पकड़ने के शोध के लिए भी प्रसिद्ध हैं।
अग्निशमन कर्मी, पुलिस, एम्बुलेंस कर्मचारी जैसे लोग जो आपदा या दुर्घटना स्थल पर सबसे पहले पहुँचते हैं, उन्हें होने वाले मनोवैज्ञानिक आघात को फर्स्ट रेस्पॉन्डर ट्रॉमा कहते हैं। दूसरों को बचाते-बचाते उनका अपना मन भी घायल हो सकता है।
आंत (पाचन तंत्र) और मस्तिष्क नसों, हार्मोन और प्रतिरक्षा संकेतों के माध्यम से एक-दूसरे से संवाद करते हैं — यह एक द्विदिशीय संपर्क मार्ग है। आंत का स्वास्थ्य मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।
काम और व्यक्तिगत जीवन के बीच स्वस्थ संतुलन बनाए रखने को कार्य-जीवन संतुलन कहते हैं।
उत्तेजना उस स्तर को संदर्भित करती है जिस पर शरीर और मन सक्रिय और सतर्क होते हैं — गहरी नींद के निम्नतम स्तर से लेकर अत्यधिक उत्साह या घबराहट के उच्चतम स्तर तक।
किसी चीज़ या आदत के लिए मन में उठने वाली बहुत तेज़ और बेकाबू इच्छा को तीव्र लालसा कहते हैं।
आँख, कान, नाक, जीभ और त्वचा जैसे संवेदी अंगों द्वारा बाहरी उत्तेजनाओं को महसूस करने की प्रक्रिया है। यह दुनिया की जानकारी हमारे मन में प्रवेश करने का पहला द्वार है, और प्रत्यक्षण एवं अनुभूति का प्रारंभिक बिंदु है।
अच्छी चीज़ों को पहचानना और उनके लिए आभारी होना। छोटी-सी कृतज्ञता भी बड़ी खुशी ला सकती है।
दयालुता, साहस, ईमानदारी या रचनात्मकता जैसी वे सकारात्मक खूबियाँ जो जीवन को संभालने में मदद करती हैं।
किसी व्यवहार के बाद अच्छा परिणाम मिलने से वह व्यवहार और अधिक होने लगता है। यही सुदृढ़ीकरण है।
मनोवैज्ञानिक कठिनाइयों से गुजर रहे व्यक्ति की मदद के लिए किसी विशेषज्ञ द्वारा पेशेवर रूप से किए जाने वाले सभी चिकित्सीय कार्यों या उपायों को हस्तक्षेप कहते हैं। यह एक सुनियोजित और उद्देश्यपूर्ण सहायता है जो परिवर्तन और उपचार को बढ़ावा देती है।
यह एक अत्यंत तीव्र और विस्फोटक क्रोध की भावना है जिसे नियंत्रित करना बहुत कठिन होता है।
अपनी शक्तियों और सीमाओं को जैसी वे हैं वैसे देखना, और दूसरों के मूल्य का सम्मान करने की मानसिक स्थिति है। विनम्रता खुद को छोटा दिखाना नहीं, बल्कि संतुलित आत्म-जागरूकता है।
Contempt मनोविज्ञान में एक सार्थक अवधारणा है जो हमें अपने आप को और दूसरों को बेहतर समझने में मदद करती है। यह भावनात्मक कल्याण और व्यक्तिगत वृद्धि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
दूसरे व्यक्ति की भावनाओं और अनुभवों को समझने और उन्हें महसूस करने की क्षमता है।
मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लक्षण काफी हद तक कम हो जाते हैं या गायब हो जाते हैं। यह पूर्ण इलाज नहीं है, लेकिन यह एक स्थिर समय होता है जब आप अपनी दैनिक जिंदगी अच्छे से जी सकते हैं।
दीर्घकालिक लक्ष्य की ओर जुनून और दृढ़ता बनाए रखने की शक्ति है। यह प्रतिभा से भी अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है।
जब कोई व्यक्ति जिस पदार्थ पर निर्भर था उसे अचानक कम कर दे या बंद कर दे, तो शरीर और मन में अप्रिय लक्षण उत्पन्न होते हैं।
मन की गहराइयों से उठने वाली एक गर्म और परिपूर्ण सकारात्मक भावना है। यह खुशी से मिलती-जुलती है, लेकिन इससे कहीं अधिक गहरी और शुद्ध अनुभूति है।
स्वभाव वह अनूठी व्यक्तित्व प्रवृत्ति है जो व्यक्ति जन्म से लेकर आता है। भावनात्मक प्रतिक्रिया की गति, गतिविधि स्तर और अनुकूलनशीलता जैसे पहलुओं में हर व्यक्ति अलग-अलग विशेषताएं दिखाता है।
यह जन्म से ही मौजूद भावनात्मक और व्यवहारिक प्रतिक्रिया के पैटर्न होते हैं। यह व्यक्तित्व का जैविक आधार है।
बाहरी फायदा पाने के लिए जानबूझकर लक्षणों को बनाना या बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना। असली बीमारी से इसे अलग पहचानना एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
यह एक सामाजिक घटना है जिसमें किसी विशेष विशेषता या स्थिति वाले व्यक्ति पर नकारात्मक लेबल लगाया जाता है।
यह वह स्थिति है जब किसी पदार्थ का समान प्रभाव पाने के लिए धीरे-धीरे अधिक मात्रा की आवश्यकता होने लगती है।
नज एक हल्का हस्तक्षेप है जो चुनाव की स्वतंत्रता को सीमित किए बिना, पर्यावरण के डिज़ाइन के माध्यम से लोगों को एक विशेष दिशा में व्यवहार करने के लिए प्रेरित करता है।
तारीफ की आड़ में व्यक्ति को नीचा दिखाने वाली बात कहकर उसके आत्मसम्मान को कमज़ोर करना और उसे अपनी स्वीकृति के लिए तरसाना एक मनोवैज्ञानिक चाल है।
मस्तिष्क का वह हिस्सा जो जीवन की बुनियादी क्रियाएँ चलाए रखता है।
मस्तिष्क का वह हिस्सा जो जीवन की बुनियादी क्रियाएँ चलाए रखता है।
यह मस्तिष्क के बाएं और दाएं हिस्से को जोड़ने वाला तंत्रिका तंतुओं का एक मोटा बंडल है जो दोनों हिस्सों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान कराता है।
मस्तिष्क की विद्युत गतिविधि के पैटर्न, जो मानसिक अवस्था के साथ बदलते हैं।
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