करुणा थकान
Compassion Fatigue
दूसरों के दर्द के साथ लंबे समय तक जुड़े रहने से होने वाली भावनात्मक थकान।
विस्तृत विवरण
करुणा थकान वह भावनात्मक थकान है जो तब पैदा हो सकती है जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक दूसरों के दुख, बीमारी या आघात के साथ जुड़ा रहता है। यह देखभाल करने वालों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, शिक्षकों और परिवार के उन लोगों में आम है जो लगातार किसी का सहारा बने रहते हैं। व्यक्ति सुन्न, चिड़चिड़ा, खाली या अपराधबोध से भरा महसूस कर सकता है। इसका मतलब यह नहीं कि वह परवाह नहीं करता, बल्कि अक्सर यह संकेत होता है कि उसने बहुत लंबे समय तक बहुत अधिक बोझ उठाया है।
💡 रोज़मर्रा का उदाहरण
लंबे समय से बीमार परिजन की देखभाल कर रहा कोई व्यक्ति इतना थक सकता है कि उसमें भावनात्मक रूप से मौजूद रहने की ताकत कम पड़ने लगे।
संबंधित शब्द
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यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।