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Neuroscience & Health

एलोस्टेटिक भार

Allostatic Load

पुराने तनाव से शरीर और मस्तिष्क पर जमा होने वाला कुल 'घिसाव' — जीवन की मांगों के अनुकूल बार-बार होने की कुल जैविक कीमत।

Details

एलोस्टेटिक भार क्या है?

1993 में न्यूरोसाइंटिस्ट ब्रूस मैकईवेन द्वारा प्रस्तावित, एलोस्टेटिक भार पुराने या बार-बार तनाव के संपर्क से उत्पन्न संचित जैविक 'घिसाव' को दर्शाता है। जब शरीर की अनुकूली प्रतिक्रिया बहुत बार, बहुत तीव्रता से, या कभी पूरी तरह बंद न हो, तो जमा हुआ बोझ एलोस्टेटिक भार बन जाता है।

उच्च एलोस्टेटिक भार के संकेत

शारीरिक: बार-बार बीमार पड़ना, पुरानी थकान, हाई ब्लड प्रेशर, नींद की समस्या। मनोवैज्ञानिक: भावनात्मक अति-प्रतिक्रिया, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, बढ़ती चिंता।

भार कम करना

रिकवरी समय को प्राथमिकता दें। नींद को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं। सहायक सामाजिक संबंध बनाए रखें। नियमित व्यायाम।

Mana कहती हैं: "आपका शरीर जो संकेत भेज रहा है वो कमज़ोरी के नहीं बल्कि इस बात के सबूत हैं कि आप कितने लंबे समय से कितना कुछ उठाए हुए हैं। कुछ नीचे रखना ठीक है। आइए आपकी देखभाल करें।"

💡 रोज़मर्रा का उदाहरण

एक दशक के अत्यधिक काम और नींद की कमी के बाद, उसने नोटिस किया कि वह लगातार बीमार पड़ती थी और उन स्थितियों से अभिभूत हो जाती थी जो पहले संभाल लेती थी।

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यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।

एलोस्टेटिक भार (Allostatic Load) | 마음스캔 심리학 용어사전