ट्रोलिंग
Trolling
ऑनलाइन माध्यम में जानबूझकर उकसावे वाले या आक्रामक व्यवहार करके दूसरों में भावनात्मक प्रतिक्रिया उत्पन्न करने की कोशिश करना ट्रोलिंग कहलाता है।
Details
ट्रोलिंग क्या है?
ट्रोलिंग ऑनलाइन समुदायों में जानबूझकर विवाद पैदा करने, दूसरों को क्रोधित करने या बहस छेड़ने की क्रिया है। ऐसा करने वाले व्यक्ति को 'ट्रोल' (troll) कहा जाता है।
ट्रोलिंग के प्रकार
순수 ट्रोलिंग: मनोरंजन और ध्यान आकर्षित करने के लिए उकसाना
आक्रामक ट्रोलिंग: किसी विशेष व्यक्ति या समूह को जानबूझकर परेशान करना
वैचारिक ट्रोलिंग: राजनीतिक या सामाजिक उद्देश्य से संगठित ट्रोलिंग
कॉर्पोरेट ट्रोलिंग: प्रतिस्पर्धियों को बदनाम करने या जनमत को प्रभावित करने के लिए की जाने वाली ट्रोलिंग
ट्रोल की मनोवृत्ति
शोध के अनुसार ट्रोलिंग व्यवहार 'डार्क टेट्राड' (Dark Tetrad) से जुड़ा है: नार्सिसिज्म, मैकियावेलियनिज्म, साइकोपैथी, और विशेष रूप से परपीड़न (sadism)। दूसरों के दर्द में आनंद लेने की प्रवृत्ति ट्रोलिंग की मुख्य प्रेरणाओं में से एक है।
नुकसान और प्रभाव
ट्रोलिंग पीड़ितों में तनाव, चिंता और अवसाद उत्पन्न करती है और ऑनलाइन समुदाय के माहौल को खराब करती है। गंभीर मामलों में यह साइबर बुलिंग का रूप ले सकती है और कानूनी समस्याएं पैदा कर सकती है।
निपटने के तरीके
'ट्रोल को खाना मत दो (Don't feed the trolls)' यह मूल सिद्धांत है। यदि आप प्रतिक्रिया नहीं देते, तो ट्रोल की रुचि खत्म हो जाती है। ब्लॉक और रिपोर्ट फीचर का उपयोग करें, और गंभीर मामलों में Mindy जैसे परामर्शदाता की सहायता लेने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है।
💡 रोज़मर्रा का उदाहरण
चर्चा मंच पर विवाद भड़काने के उद्देश्य से अत्यंत उग्र राय पोस्ट करना, या दूसरों का मज़ाक उड़ाने वाली टिप्पणियाँ करना ट्रोलिंग का उदाहरण है।
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यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।