प्रतिगामी व्यतिकरण
Retroactive Interference
नई सीखी गई जानकारी पहले सीखी गई यादों में बाधा डालती है। जैसे नया फोन नंबर याद करने के बाद पुराना फोन नंबर याद नहीं आता।
विस्तृत विवरण
प्रतिगामी व्यतिकरण क्या है?
प्रतिगामी व्यतिकरण वह घटना है जिसमें बाद में सीखी गई जानकारी पहले सीखी गई जानकारी की याददाश्त में बाधा डालती है। 'प्रतिगामी' शब्द का अर्थ है कि नई याद पुरानी यादों की दिशा में पीछे जाकर हस्तक्षेप करती है।
यह कैसे होता है?
हमारा मस्तिष्क समान जानकारी को संग्रहीत करते समय एक ही स्मृति नेटवर्क का उपयोग करता है। नई जानकारी जितनी पुरानी यादों से मिलती-जुलती होती है, वे उतनी ही आपस में प्रतिस्पर्धा करती हैं, और ऐसा लगता है जैसे नई जानकारी पुरानी यादों पर ओवरराइट हो जाती है।
उदाहरण के लिए, नई पार्किंग जगह याद करने पर कल की पार्किंग जगह भूल जाना, या नया पासवर्ड याद करने पर पुराना पासवर्ड न याद आना — ये प्रतिगामी व्यतिकरण के प्रमुख उदाहरण हैं।
अग्रगामी व्यतिकरण से अंतर
प्रतिगामी व्यतिकरण के विपरीत अग्रगामी व्यतिकरण (Proactive Interference) होता है। अग्रगामी व्यतिकरण में पहले सीखी गई जानकारी नई सीख में बाधा डालती है। दोनों स्मृति व्यतिकरण की घटनाएं हैं, लेकिन इनकी दिशाएं विपरीत हैं।
Mana की गर्मजोशी भरी सलाह
Mana कहती हैं: "पुरानी यादें याद न आने पर चिंता मत करो। यह हमारे मन का नई चीज़ों के साथ अनुकूलन करने की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। महत्वपूर्ण यादों को बार-बार याद करने या लिख रखने से व्यतिकरण के प्रभाव को कम किया जा सकता है।"
प्रतिगामी व्यतिकरण को कम करने के लिए
💡 रोज़मर्रा का उदाहरण
नया घर का पता याद करने के बाद पुराने घर का पता याद न आना प्रतिगामी व्यतिकरण के कारण होता है।
क्या आप "प्रतिगामी व्यतिकरण" के बारे में और बात करना चाहते हैं?
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यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।