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Mental Health Challenges

आक्रोश / मनोमालिन्य

Resentment

अतीत में मिले अन्यायपूर्ण व्यवहार या चोट के कारण उत्पन्न क्रोध और कड़वाहट जो लंबे समय तक मन में बनी रहती है।

Details

आक्रोश क्या है?

आक्रोश वह भावना है जब हम महसूस करते हैं कि हमारे साथ अन्याय हुआ है, और वह क्रोध और कड़वाहट समय के साथ भी दिल से नहीं जाती, बल्कि गहरी जड़ें जमा लेती है। साधारण गुस्से के विपरीत, आक्रोश लंबे समय में धीरे-धीरे जमा होकर कठोर हो जाता है।

आक्रोश कैसे बनता है?

आक्रोश आमतौर पर किसी एक बड़ी घटना से नहीं, बल्कि बार-बार के अनुभवों से बनता है। जब हमारी भावनाओं या जरूरतों को नजरअंदाज किया जाता है, जब अन्यायपूर्ण परिस्थितियाँ बार-बार दोहराई जाती हैं, या जब माफी या स्वीकृति नहीं मिलती, तब आक्रोश और गहरा हो सकता है। विशेष रूप से करीबी लोगों से मिली चोट का आक्रोश अधिक गहरा और लंबे समय तक रहने वाला होता है।

आक्रोश का प्रभाव

अनसुलझा आक्रोश मानसिक स्वास्थ्य पर भारी बोझ बन जाता है। यह दीर्घकालिक तनाव, अवसाद और रिश्तों में कठिनाइयों का कारण बन सकता है, और कभी-कभी शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है। एक प्रसिद्ध उपमा है — 'जहर पीकर दूसरे के मरने की कामना करना' — यह दर्शाता है कि आक्रोश मुख्यतः खुद को ही नुकसान पहुँचाता है।

Mindy की ओर से एक गर्मजोशी भरी बात

आक्रोश महसूस करना एक स्वाभाविक भावना है। लेकिन उस भावना में कैद रहने से सबसे अधिक कष्ट खुद को होता है। क्षमा दूसरे के लिए नहीं, बल्कि खुद को मुक्त करने की प्रक्रिया है। Mindy आपके साथ है ताकि आप उस भारी बोझ को नीचे रख सकें।

💡 रोज़मर्रा का उदाहरण

कुछ साल पहले एक दोस्त ने विश्वासघात किया था, वह याद अभी भी ताजी है और जब भी उस दोस्त का ख्याल आता है तो मन में क्रोध उमड़ आता है — यही आक्रोश का रूप है।

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यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।

आक्रोश / मनोमालिन्य (Resentment) | 마음스캔 심리학 용어사전