वस्तु स्थायित्व
Object Permanence
यह जानने की क्षमता कि कोई वस्तु या व्यक्ति आँखों से ओझल हो जाने पर भी अस्तित्व में बना रहता है।
Details
वस्तु स्थायित्व पियाजे द्वारा प्रस्तावित एक अवधारणा है, जिसमें यह समझने की संज्ञानात्मक क्षमता होती है कि कोई वस्तु दृष्टि से गायब हो जाने पर भी अस्तित्व में रहती है।
यह क्षमता जन्म के लगभग 8 से 12 महीने बाद विकसित होने लगती है। इससे पहले, जब कोई चीज़ दिखाई नहीं देती तो बच्चा सोचता है कि वह 'गायब हो गई', लेकिन बाद में वह छुपी हुई वस्तु को ढूंढने की कोशिश करता है।
'छुपा-छुपाई' या 'पीकाबू' खेल इसीलिए मज़ेदार लगता है क्योंकि यह वस्तु स्थायित्व के विकास की प्रक्रिया से जुड़ा होता है। — Mindy
💡 रोज़मर्रा का उदाहरण
'पीकाबू' खेल में चेहरा छुपा लेने पर भी यह जानना कि वह व्यक्ति अभी भी वहाँ है — यही वस्तु स्थायित्व है।
यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।