पहचान की अस्थिरता
Identity Disturbance
यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को यह स्पष्ट नहीं होता कि वह कौन है और क्या चाहता है। आत्म-छवि बार-बार बदलती रहती है।
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पहचान की अस्थिरता एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति की अपने बारे में भावना अस्थिर होती है और आत्म-छवि बार-बार बदलती रहती है।
"असली मैं" कौन हूँ, यह न जान पाने की भावना, और साथ में जो भी हो उसके अनुसार पूरी तरह अलग इंसान बन जाने की भावना होती है।
पहचान की अस्थिरता डरावनी जरूर है, लेकिन यह आत्म-खोज का एक अवसर भी है। Mindy जैसे विशेषज्ञ के साथ मिलकर धीरे-धीरे यह खोजा जा सकता है कि "मैं किन चीज़ों को महत्व देता/देती हूँ?"
💡 रोज़मर्रा का उदाहरण
"रुचियाँ, मूल्य और करियर के लक्ष्य बार-बार बदलते रहना, और यह न समझ पाना कि असली मैं कौन हूँ" — यही पहचान की अस्थिरता है।
यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।