डूमस्क्रॉलिंग
Doomscrolling
नकारात्मक खबरों या सामग्री को बिना रुके अंतहीन रूप से स्क्रॉल करते हुए देखते रहने की आदत है। यह एक ऐसा व्यवहार है जिसे रोकना चाहते हुए भी आसानी से नहीं रोका जा सकता।
Details
डूमस्क्रॉलिंग क्या है?
Mindy आपके साथ इसे समझेगी। 'डूम (doom, विनाश)' और 'स्क्रॉलिंग (scrolling)' से मिलकर बना यह शब्द, आपदा की खबरें, दुर्घटनाएं, नकारात्मक टिप्पणियां आदि को देर रात तक अंतहीन रूप से पढ़ते रहने की आदत को दर्शाता है। खासकर महामारी के बाद यह घटना बहुत चर्चा में आई।
रुकना इतना मुश्किल क्यों है?
मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव
डूमस्क्रॉलिंग चिंता और अवसाद को बढ़ाती है और नींद की गुणवत्ता को खराब करती है। यह दुनिया को वास्तविकता से अधिक खतरनाक और निराशाजनक दिखाने की विकृत धारणा भी बनाती है। साथ ही, स्क्रॉलिंग में बिताए समय के बराबर आराम और स्वस्थ होने का समय कम हो जाता है।
Mindy की ओर से एक गर्मजोशी भरी बात
दुनिया की खबरें जानना स्वाभाविक है। लेकिन अगर खबरें आपके मन को थका रही हैं, तो सचेत रूप से स्क्रीन को नीचे रखने का अभ्यास जरूरी है। सोने से एक घंटे पहले फोन को दूर रखें और मन को शांत करने वाली गतिविधियों के साथ दिन का अंत करें।
💡 रोज़मर्रा का उदाहरण
'आधी रात के बाद भी बुरी खबरों के लेख पढ़ते-पढ़ते अचानक एहसास हुआ कि दो घंटे बीत चुके हैं, यह देखकर मैं चौंक गई।'
यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।