द्विवलन (Ambivalence)
Ambivalence
एक ही व्यक्ति, स्थिति या निर्णय के प्रति एक साथ परस्पर विरोधी भावनाओं — जैसे प्रेम और नाराज़गी, या आकर्षण और भय — का अनुभव करना।
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द्विवलन (Ambivalence)
द्विवलन एक ही वस्तु के प्रति विरोधी भावनात्मक अवस्थाओं, इच्छाओं या दृष्टिकोणों की एक साथ उपस्थिति है। यह शब्द 1910 में स्विस मनोचिकित्सक यूजेन ब्लुलर द्वारा गढ़ा गया था।
द्विवलन क्यों सामान्य है
अधिकांश सार्थक संबंधों और महत्वपूर्ण निर्णयों में प्रतिस्पर्धी जरूरतें, मूल्य और भावनाएँ होती हैं। निम्नलिखित अनुभव मनोवैज्ञानिक रूप से स्वस्थ हैं:
द्विवलन एक संकेत है कि आप स्थिति की पूरी जटिलता को धारण कर रहे हैं — कमज़ोरी या भ्रम का नहीं।
चिकित्सा में
प्रेरक साक्षात्कार में, द्विवलन को परिवर्तन प्रक्रिया का एक स्वाभाविक और अपेक्षित हिस्सा माना जाता है। द्विवलन को समझना और सुलझाना स्वस्थ बदलाव की कुंजी है।
*Mana का संदेश: एक साथ दो चीजें महसूस करना किसी भी भावना को कम वास्तविक नहीं बनाता। दोनों सच हो सकते हैं। लक्ष्य जटिलता को समाप्त करना नहीं — उसे समझना है।*
💡 रोज़मर्रा का उदाहरण
नौकरी छोड़ना चाहते हैं, लेकिन मौजूदा काम की परिचितता और सुरक्षा से भी जुड़े हैं — यह द्विवलन का क्लासिक अनुभव है।
यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।