अब्राहम मैस्लो
Abraham Maslow
मानवतावादी मनोविज्ञान के संस्थापकों में से एक, आवश्यकताओं के पदानुक्रम सिद्धांत के लिए प्रसिद्ध। उन्होंने प्रस्तावित किया कि मानव आवश्यकताएँ शारीरिक से लेकर आत्म-साक्षात्कार तक स्तरीय होती हैं।
विस्तृत विवरण
अब्राहम मैस्लो (1908–1970)
अमेरिकी मनोवैज्ञानिक और मानवतावादी मनोविज्ञान (Humanistic Psychology) के केंद्रीय व्यक्ति। उन्होंने मनोविज्ञान की तीसरी शक्ति का नेतृत्व किया, जो उस समय के प्रमुख मनोविश्लेषण और व्यवहारवाद का विकल्प था।
उनका सबसे प्रसिद्ध योगदान आवश्यकताओं का पदानुक्रम (Hierarchy of Needs) है। उन्होंने मानव आवश्यकताओं को पाँच स्तरों में व्यवस्थित किया: शारीरिक आवश्यकताएँ, सुरक्षा आवश्यकताएँ, संबंधता और प्रेम, सम्मान, और आत्म-साक्षात्कार। निचले स्तर की आवश्यकताएँ पर्याप्त रूप से पूरी होने के बाद ही व्यक्ति ऊपरी आवश्यकताओं की ओर बढ़ सकता है।
उन्होंने विशेष रूप से मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्तियों का अध्ययन किया। आत्म-साक्षात्कारी व्यक्ति वास्तविकता को स्पष्ट रूप से देखते हैं, रचनात्मक होते हैं, गहरे अंतरवैयक्तिक संबंध बनाते हैं, और अक्सर शीर्ष अनुभव (Peak Experience) प्राप्त करते हैं। विकृति के बजाय मानव संभावना और विकास पर ध्यान केंद्रित करके मैस्लो ने मनोविज्ञान के दायरे को विस्तृत किया।
💡 रोज़मर्रा का उदाहरण
“जो व्यक्ति जो बन सकता है, उसे वह बनना ही चाहिए।” — मैस्लो का यह प्रसिद्ध कथन आत्म-साक्षात्कार की प्रेरणा को व्यक्त करता है।
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यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।