श्रेणी: 1 शब्द
खुद को अपनी जिंदगी की फिल्म का मुख्य किरदार समझने की प्रवृत्ति, जिसमें विश्वास होता है कि दुनिया आपके इर्द-गिर्द घूमती है और बाकी सब सिर्फ सहायक पात्र हैं।