साक्षी मनोविज्ञान
Witness Psychology
यह क्षेत्र न्यायालय में गवाही देने वाले साक्षियों की स्मृति, धारणा और भावनाओं जैसी मनोवैज्ञानिक प्रक्रियाओं का अध्ययन करता है, ताकि गवाही की सटीकता और विश्वसनीयता को समझा जा सके।
Details
साक्षी मनोविज्ञान, प्रत्यक्षदर्शियों और गवाहों की स्मृति निर्माण, स्मरण और गवाही की प्रक्रिया में काम करने वाले मनोवैज्ञानिक कारकों का वैज्ञानिक अध्ययन करने वाला न्याय मनोविज्ञान का एक मुख्य क्षेत्र है।
साक्षी मनोविज्ञान क्या है?
Mindy के साथ मिलकर समझते हैं। हम मानते हैं कि हम जो सीधे देखते हैं उसे सटीक रूप से याद रखते हैं, लेकिन वास्तव में मानव स्मृति सोच से कहीं अधिक अपूर्ण और परिवर्तनशील होती है। साक्षी मनोविज्ञान यह अध्ययन करता है कि स्मृति की इन विशेषताओं का कानूनी गवाही पर क्या प्रभाव पड़ता है।
गवाही को प्रभावित करने वाले कारक
साक्षी संरक्षण और सहायता
न्यायालय में गवाही देना मनोवैज्ञानिक रूप से बहुत कठिन अनुभव होता है। विशेष रूप से जो साक्षी स्वयं अपराध के पीड़ित भी हैं, उनके लिए गवाही की प्रक्रिया में आघात फिर से सक्रिय हो सकता है। साक्षी की मनोवैज्ञानिक सुरक्षा सुनिश्चित करना निष्पक्ष न्याय के लिए भी महत्वपूर्ण है।
Mindy की ओर से एक गर्मजोशी भरी बात
स्मृति का अपूर्ण होना किसी की गलती नहीं है। हमारा मन कभी-कभी खुद को बचाने के लिए स्मृतियों को बदल देता है। मन के इस कार्य करने के तरीके को समझना एक अधिक न्यायपूर्ण दुनिया बनाने की पहली कदम है।
💡 रोज़मर्रा का उदाहरण
एक यातायात दुर्घटना के प्रत्यक्षदर्शी ने पुलिस जांच में 'लाल कार' बताया, लेकिन बाद में समाचार में 'नीली कार' की रिपोर्ट देखने के बाद उनकी स्मृति भ्रमित हो गई — यह साक्षी मनोविज्ञान में अध्ययन किए जाने वाले पश्च-घटना सूचना प्रभाव का उदाहरण है।
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यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।