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Trauma & Stress

स्टॉकहोम सिंड्रोम

Stockholm Syndrome

यह एक मनोवैज्ञानिक घटना है जिसमें बंधक या पीड़ित व्यक्ति अपने अपराधी के प्रति सहानुभूति या सकारात्मक भावनाएं विकसित कर लेता है। इसे अत्यंत कठिन परिस्थितियों में जीवित रहने की मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया के रूप में समझा जाता है।

Details

स्टॉकहोम सिंड्रोम एक ऐसा शब्द है जो 1973 में स्टॉकहोम बैंक बंधक घटना से उत्पन्न हुआ, जिसमें पीड़ित व्यक्ति जीवित रहने के लिए अपराधी के साथ मनोवैज्ञानिक बंधन बना लेता है। यह कोई आधिकारिक निदान नहीं है, लेकिन शोषणकारी संबंधों को समझने के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवधारणा है।

  • उत्पत्ति की स्थितियाँ: जीवन को खतरा, भागने में असमर्थता, अपराधी की कभी-कभी दयालुता, और बाहरी दुनिया से कटाव — इन सभी का संयोजन होने पर यह प्रकट होता है
  • मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया: अत्यधिक भय की स्थिति में अपराधी की छोटी-सी दयालुता को बढ़ा-चढ़ाकर देखा जाता है और जीवित रहने की रणनीति के रूप में भावनात्मक जुड़ाव बनाया जाता है
  • लागू होने का दायरा: केवल बंधक स्थितियों में ही नहीं, बल्कि घरेलू हिंसा, बाल शोषण, मानव तस्करी जैसे विभिन्न शोषणकारी संबंधों में भी देखा जाता है
  • Mindy की बात: अपराधी के साथ सहानुभूति महसूस करना जीवित रहने के लिए मन की एक स्वाभाविक सुरक्षा प्रतिक्रिया है। खुद को दोष मत दीजिए। जब एक सुरक्षित वातावरण मिलता है, तो आप अपनी असली भावनाओं को फिर से पा सकते हैं।

    💡 रोज़मर्रा का उदाहरण

    लंबे समय से घरेलू हिंसा की शिकार एक महिला अपने अपराधी का बचाव करते हुए कहती है, 'उनके पास भी अपने कारण थे' — या अपराधी के प्रति दया और करुणा व्यक्त करती है।

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    यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।

    स्टॉकहोम सिंड्रोम (Stockholm Syndrome) | 마음스캔 심리학 용어사전