सामाजिक पहचान
Social Identity
यह आपके 'स्व' का वह हिस्सा है जो उन सामाजिक समूहों पर आधारित है जिनसे आप संबंधित हैं। जैसे आपकी राष्ट्रीयता, पेशा या धर्म आपकी पहचान का हिस्सा बनते हैं।
Details
सामाजिक पहचान का सिद्धांत हेनरी ताजफेल द्वारा प्रस्तावित किया गया था। इस सिद्धांत के अनुसार, लोग खुद को केवल एक व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि किसी विशेष समूह के सदस्य के रूप में भी परिभाषित करते हैं।
राष्ट्रीयता, पेशा, धर्म, लिंग जैसे विभिन्न समूहों से संबंधित होना आत्म-पहचान का हिस्सा बन जाता है।
अपने समूह पर गर्व करना आत्म-सम्मान को बढ़ाता है, लेकिन अत्यधिक गर्व समूहों के बीच संघर्ष का कारण बन सकता है।
विभिन्न सामाजिक पहचानों को लचीले ढंग से अपनाना मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।
Mindy कहती हैं: चाहे आप किसी भी समूह से हों, अपने अनूठे मूल्य को न भूलना बहुत ज़रूरी है।
💡 रोज़मर्रा का उदाहरण
जैसे कोई कहे 'मैं भारतीय हूँ' या 'मैं एक छात्र हूँ' — इस तरह अपने समूह के आधार पर खुद को परिभाषित करना ही सामाजिक पहचान है।
यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।