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Personal Growth

संवेदी-गतिक अवस्था

Sensorimotor Stage

यह वह समय है (0-2 वर्ष) जब बच्चा अपनी इंद्रियों और हलचल से दुनिया को समझता है। देखकर, छूकर और चखकर सीखता है।

Details

संवेदी-गतिक अवस्था पियाजे के संज्ञानात्मक विकास का पहला चरण है, जो जन्म से 2 वर्ष की आयु तक का समय है।

इस अवस्था में शिशु अपनी इंद्रियों (देखना, सुनना, छूना) और शारीरिक क्रियाओं (पकड़ना, चूसना, हिलना) के माध्यम से दुनिया को समझता है। यह वस्तु स्थायित्व (object permanence) प्राप्त करने का भी एक महत्वपूर्ण समय है।

इस अवस्था में बच्चे को विविध संवेदी अनुभव प्रदान करना उसके विकास में बहुत सहायक होता है। Mindy आपको इस बारे में और मार्गदर्शन दे सकती हैं।

💡 रोज़मर्रा का उदाहरण

"बच्चे का खिलौने को मुँह में डालकर देखना" — यह संवेदी-गतिक अवस्था का एक खोजपूर्ण व्यवहार है।

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यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।

संवेदी-गतिक अवस्था (Sensorimotor Stage) | 마음스캔 심리학 용어사전