चयनात्मक मूकता
Selective Mutism
यह एक चिंता विकार है जिसमें व्यक्ति कुछ खास परिस्थितियों में बोल नहीं पाता। बोलने की क्षमता होते हुए भी चिंता के कारण बोल नहीं पाता।
Details
चयनात्मक मूकता एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति कुछ विशेष सामाजिक परिस्थितियों (मुख्यतः स्कूल) में लगातार बोलने में असमर्थ रहता है।
यह भाषा क्षमता की समस्या नहीं, बल्कि चिंता की समस्या है। यह 'नहीं बोलना चाहता' नहीं, बल्कि 'बोल नहीं पाता' है। अत्यधिक सामाजिक चिंता ही बोलने को रोकती है।
जल्दी हस्तक्षेप बहुत जरूरी है। व्यवहार चिकित्सा, क्रमिक एक्सपोजर और परिवार का सहयोग प्रभावी होता है। Mindy कहती हैं कि बच्चे पर बोलने का दबाव न डालना बहुत महत्वपूर्ण है।
💡 रोज़मर्रा का उदाहरण
"घर पर खूब बातें करने वाला बच्चा स्कूल में एक शब्द भी नहीं बोल पाता" — यही चयनात्मक मूकता है।
यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।