द्वितीयक आघात
Secondary Trauma
यह एक ऐसी आघात प्रतिक्रिया है जो सीधे आघात का अनुभव किए बिना, दूसरों के आघात के संपर्क में आने से उत्पन्न होती है।
Details
द्वितीयक आघात तब होता है जब कोई व्यक्ति स्वयं आघात का अनुभव नहीं करता, लेकिन आघात से पीड़ित लोगों की मदद करते हुए या उनके अनुभव सुनते हुए उसमें आघात के बाद की तनाव प्रतिक्रियाएं उत्पन्न हो जाती हैं।
इसे 'प्रतिनिधि आघात' भी कहा जाता है।
PTSD जैसे लक्षण जैसे घुसपैठिया विचार, परिहार और अति-सतर्कता प्रकट हो सकते हैं।
परामर्शदाता, चिकित्सा कर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता और आपातकालीन सेवाकर्मी विशेष रूप से इसके प्रति संवेदनशील होते हैं।
नियमित आत्म-परीक्षण, पर्यवेक्षण, सहकर्मी सहायता और आत्म-देखभाल गतिविधियाँ द्वितीयक आघात को रोकने और प्रबंधित करने के लिए आवश्यक हैं। यदि आप इन लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो Mindy से बात करना सहायक हो सकता है।
💡 रोज़मर्रा का उदाहरण
एक चिकित्सक जो आघात पीड़ितों की काउंसलिंग करता है, उसे बुरे सपने और चिंता का अनुभव होने लगता है — यही द्वितीयक आघात है।
यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।