सुरक्षा की भावना का खोना
Loss of Safety
ट्रॉमा या किसी दर्दनाक अनुभव के बाद यह महसूस होना कि दुनिया अब सुरक्षित नहीं है। पहले जो सुरक्षा की भावना당연하게 थी, वह टूट जाती है।
Details
सुरक्षा की भावना का खोना एक मनोवैज्ञानिक अवस्था है जिसमें ट्रॉमा के बाद दुनिया, दूसरों और खुद के प्रति बुनियादी सुरक्षा की भावना टूट जाती है।
सुरक्षा की भावना का खोना क्या है?
Mindy आपके साथ इसे समझेगी। हम आमतौर पर यह मानकर जीते हैं कि 'दुनिया काफी हद तक सुरक्षित है।' लेकिन जब हम हिंसा, दुर्घटना, आपदा जैसे किसी दर्दनाक अनुभव से गुजरते हैं, तो यह बुनियादी विश्वास हिल जाता है। इसी को सुरक्षा की भावना का खोना कहते हैं।
मुख्य विशेषताएं
सुरक्षा की भावना का खोना किन क्षेत्रों में दिखता है?
सुरक्षा की भावना को वापस पाने के तरीके
Mindy की ओर से एक गर्मजोशी भरी बात
सुरक्षा की भावना हिलने के बाद दुनिया डरावनी लगना मन का खुद को बचाने का एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया है। अभी चाहे बेचैनी हो, लेकिन सुरक्षित रिश्तों और माहौल में धीरे-धीरे मन की नींव को फिर से खड़ा किया जा सकता है।
💡 रोज़मर्रा का उदाहरण
सड़क दुर्घटना के बाद गाड़ी में बैठने से डर लगना और सड़क पर चलते समय भी हमेशा आसपास से सतर्क रहना।
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यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।