जॉन वॉटसन
John Watson
जॉन वॉटसन व्यवहारवादी मनोविज्ञान के संस्थापक थे, जिन्होंने तर्क दिया कि मनोविज्ञान को केवल देखे जा सकने वाले व्यवहार का अध्ययन करना चाहिए। प्रसिद्ध 'लिटिल अल्बर्ट' प्रयोग के माध्यम से उन्होंने दिखाया कि भावनाएं भी सीखी जाती हैं।
Details
जॉन वॉटसन (John B. Watson, 1878–1958)
जॉन वॉटसन एक अमेरिकी मनोवैज्ञानिक थे और व्यवहारवाद (Behaviorism) के संस्थापक थे। 1913 में उनके शोध पत्र 'एक व्यवहारवादी की दृष्टि में मनोविज्ञान' ने मनोविज्ञान की दिशा को मौलिक रूप से बदल दिया।
व्यवहारवादी क्रांति
वॉटसन ने उस समय के मनोविज्ञान की मुख्यधारा अंतर्दर्शन (introspection) की आलोचना करते हुए कहा कि यदि मनोविज्ञान को एक विज्ञान बनना है, तो उसे केवल देखे जा सकने वाले व्यवहार को ही अध्ययन का विषय बनाना चाहिए। उनका मत था कि चेतना या अचेतन जैसी आंतरिक घटनाओं को वैज्ञानिक रूप से मापा नहीं जा सकता।
लिटिल अल्बर्ट प्रयोग (1920)
यह वॉटसन का सबसे प्रसिद्ध (और विवादास्पद) प्रयोग था। 11 महीने के शिशु अल्बर्ट को सफेद चूहा दिखाते हुए साथ में तेज आवाज की जाती थी, जिससे बच्चे को सफेद चूहे से डर लगने की अनुकूलन प्रक्रिया से गुजारा गया। यह भय खरगोश, रूई के गोले जैसी समान वस्तुओं तक भी सामान्यीकृत हो गया।
इस प्रयोग ने दिखाया कि भावनाएं भी सीखने के माध्यम से बन सकती हैं, लेकिन आज के शोध नैतिकता मानकों के अनुसार यह प्रयोग स्वीकार्य नहीं होता।
पर्यावरण निर्धारणवाद
वॉटसन ने आनुवंशिकता की तुलना में पर्यावरण के प्रभाव पर अत्यधिक जोर दिया। उनकी प्रसिद्ध घोषणा है: 'मुझे 12 स्वस्थ बच्चे दो, मैं किसी भी बच्चे को डॉक्टर, वकील या चोर बना सकता हूँ।' यह अतिवादी दावा आलोचना का शिकार हुआ, लेकिन इसने पर्यावरण और सीखने के महत्व को गहराई से स्थापित किया।
व्यवहारवाद का प्रभाव
वॉटसन का व्यवहारवाद आगे चलकर स्किनर की क्रियाप्रसूत अनुकूलन, व्यवहार चिकित्सा और आधुनिक संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा (CBT) तक फैली एक विशाल धारा का प्रारंभिक बिंदु था।
Mindy के दृष्टिकोण से
Mindy वॉटसन के शोध में एक महत्वपूर्ण संदेश देखती है। यदि हमारे कई डर और भावनात्मक प्रतिक्रियाएं पिछले अनुभवों से सीखी गई हैं, तो नए अनुभवों के माध्यम से उन्हें बदला भी जा सकता है — यह एक आशा का संदेश है।
💡 रोज़मर्रा का उदाहरण
बचपन में कुत्ते के काटने के अनुभव के कारण वयस्क होने पर भी कुत्तों से डरना, वॉटसन द्वारा अध्ययन की गई अनुकूलित भय प्रतिक्रिया का एक उदाहरण है।
यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।