पागलपन का बचाव
Insanity Defense
यह एक कानूनी बचाव है जिसमें आरोपी यह दावा करता है कि अपराध के समय गंभीर मानसिक बीमारी के कारण वह यह नहीं समझ सका कि उसका कार्य गलत था।
Details
पागलपन का बचाव (Insanity Defense)
आपराधिक मुकदमे में आरोपी यह दावा करता है कि अपराध के समय गंभीर मानसिक बीमारी के कारण वह अपने कार्य की प्रकृति या अवैधता को नहीं समझ सका। मीडिया में इसे अक्सर दिखाया जाता है, लेकिन वास्तव में यह बचाव बहुत कम उपयोग किया जाता है और बहुत कम मामलों में स्वीकार किया जाता है।
ऐतिहासिक मानदंड
मैकनॉटन नियम (M'Naghten Rule)
यह सबसे पुराना और व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला मानदंड है, जिसमें यह सिद्ध करना होता है कि अपराध के समय मानसिक बीमारी के कारण आरोपी अपने कार्य की प्रकृति नहीं जानता था, या यह नहीं जानता था कि वह गलत था।
अप्रतिरोध्य आवेग मानदंड
यह मानदंड यह दावा करता है कि आरोपी जानता था कि अपराध गलत है, लेकिन मानसिक बीमारी के कारण वह अपने आवेग को नियंत्रित नहीं कर सका।
ALI मानदंड (अमेरिकन लॉ इंस्टीट्यूट)
यह मानदंड यह सिद्ध करता है कि मानसिक बीमारी के कारण आरोपी में कार्य की अवैधता को पहचानने या कानून के अनुसार व्यवहार करने की वास्तविक क्षमता का अभाव था।
पागलपन के आधार पर बरी होने के बाद
बरी होने का मतलब स्वतंत्र रूप से छोड़ा जाना नहीं है। अधिकांश मामलों में मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में भर्ती करके उपचार दिया जाता है, और यह अवधि कारावास की सजा से भी लंबी हो सकती है।
भ्रांतियाँ और वास्तविकता
Mindy इस बचाव के बारे में कुछ भ्रांतियों को दूर करना चाहती है।
यह बचाव मानसिक बीमारी के व्यवहार पर प्रभाव को कानूनी रूप से मान्यता देते हुए सामाजिक सुरक्षा की रक्षा करने के लिए एक संस्थागत व्यवस्था है।
💡 रोज़मर्रा का उदाहरण
एक गंभीर भ्रम की स्थिति में यह विश्वास करते हुए कि उसे दुनिया को बचाना है, अपराध करने वाले आरोपी ने पागलपन का बचाव किया, जिसके परिणामस्वरूप उसे जेल के बजाय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में उपचार के लिए भेजा गया।
यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।