एरिक एरिकसन
Erik Erikson
एरिक एरिकसन एक विकासात्मक मनोवैज्ञानिक थे जिन्होंने मनोसामाजिक विकास सिद्धांत प्रस्तुत किया। उन्होंने माना कि मानव विकास बचपन में समाप्त नहीं होता, बल्कि पूरे जीवनकाल में आठ चरणों में होता है, और उन्होंने 'पहचान' की अवधारणा को मनोविज्ञान में प्रस्तुत किया।
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एरिक एरिकसन (Erik Erikson, 1902–1994)
जर्मनी में जन्मे अमेरिकी विकासात्मक मनोवैज्ञानिक एरिक एरिकसन ने मनोसामाजिक विकास सिद्धांत (Psychosocial Development Theory) प्रस्तुत किया। वे फ्रायड से प्रभावित थे, लेकिन उन्होंने यौन विकास की बजाय सामाजिक संबंधों और सांस्कृतिक संदर्भ को अधिक महत्व दिया।
एरिकसन ने मानव विकास को पूरे जीवनकाल में आठ चरणों में विभाजित किया। प्रत्येक चरण में एक मनोसामाजिक संकट (Crisis) होता है, और इसे सफलतापूर्वक हल करने पर व्यक्ति एक विशेष गुण प्राप्त करता है। उदाहरण के लिए, शैशवावस्था में विश्वास बनाम अविश्वास, किशोरावस्था में पहचान बनाम भूमिका भ्रम, और प्रारंभिक वयस्कता में अंतरंगता बनाम एकाकीपन जैसे कार्य होते हैं।
विशेष रूप से, वे पहचान (Identity) की अवधारणा को मनोविज्ञान में प्रस्तुत करने के लिए प्रसिद्ध हैं। किशोरावस्था में पहचान की खोज और संकट एरिकसन के सिद्धांत का मूल है। इसके अलावा, वृद्धावस्था के अहं एकीकरण बनाम निराशा चरण को शामिल करके उन्होंने दिखाया कि विकास बचपन में समाप्त नहीं होता, बल्कि मृत्यु तक जारी रहने वाली प्रक्रिया है।
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स्वस्थ बच्चे अपने माता-पिता से नहीं डरेंगे। स्वस्थ माता-पिता अपने बच्चों से नहीं डरेंगे।
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