कल्ट मानसिकता
Cult Mentality
किसी बंद समूह या नेता के प्रति आंख मूंदकर समर्पण और आज्ञाकारिता की मनोवैज्ञानिक स्थिति को कल्ट मानसिकता कहते हैं।
Details
कल्ट मानसिकता तब बनती है जब कोई व्यक्ति किसी बंद समूह में इस तरह रच-बस जाता है कि वह नेता या समूह की हर बात को बिना सवाल किए मान लेता है। शुरुआत में ऐसे समूह अपनापन और गर्मजोशी देकर लोगों को अपनी ओर खींचते हैं, फिर धीरे-धीरे बाहरी दुनिया से दूर कर देते हैं और सोचने-समझने की क्षमता को कमज़ोर कर देते हैं। जो लोग अकेलापन, पहचान की उलझन या जीवन में खालीपन महसूस कर रहे होते हैं, वे इस तरह के समूहों की ओर ज़्यादा आकर्षित हो सकते हैं। इससे बाहर निकलना मुश्किल ज़रूर होता है, लेकिन अपनों का साथ, आलोचनात्मक सोच की वापसी और नए सामाजिक रिश्ते इस राह में बड़ी मदद करते हैं।
💡 रोज़मर्रा का उदाहरण
एक सेल्फ-हेल्प सेमिनार में शामिल होने के बाद रमेश धीरे-धीरे उसी संस्था के महंगे कोर्स करता गया, परिवार की चिंताओं को नज़रअंदाज़ करने लगा और सिर्फ उस समूह के नेता की बातों पर ही भरोसा करने लगा।
यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।