संज्ञानात्मक विकृति
Cognitive Distortion
सोचने का ऐसा पैटर्न जो किसी स्थिति को वास्तविकता से ज़्यादा नकारात्मक या चरम बना देता है।
Details
संज्ञानात्मक विकृति वह सोचने की आदत है जिसमें हम किसी स्थिति को पूरा देखे बिना उसे बहुत नकारात्मक, कठोर या बढ़ा-चढ़ाकर समझने लगते हैं। एक छोटी गलती पूरी असफलता जैसी लग सकती है, और थोड़ी-सी अनिश्चितता भी बड़े खतरे जैसी महसूस हो सकती है। ऐसा खासकर तब होता है जब हम तनाव में हों, थके हों या भावनात्मक रूप से आहत हों। ये विचार उस समय बहुत सच लगते हैं, लेकिन हमेशा पूरी सच्चाई नहीं बताते। इन्हें पहचानना अधिक संतुलित सोच की शुरुआत हो सकती है।
💡 रोज़मर्रा का उदाहरण
बॉस की हल्की-सी टिप्पणी के बाद कोई तुरंत सोचने लगे, “मैं किसी काम का नहीं हूँ,” तो यह संज्ञानात्मक विकृति का उदाहरण हो सकता है।
यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।