귀인 सिद्धांत
Attribution Theory
귀인 सिद्धांत यह बताता है कि लोग व्यवहार और घटनाओं के कारण कैसे निर्धारित करते हैं — चाहे वे इसे व्यक्तित्व और प्रयास जैसे आंतरिक कारकों पर थोपें, या परिस्थितियों और भाग्य जैसे बाह्य कारकों पर।
Details
##귀인 सिद्धांत क्या है?
귀인 सिद्धांत सामाजिक मनोविज्ञान का एक ढांचा है जो यह वर्णन करता है कि लोग व्यवहार और घटनाओं के कारणों का अनुमान कैसे लगाते हैं। इस सिद्धांत को 1950 के दशक में फ्रिट्ज हेडर ने व्यवस्थित किया और बाद में ली रॉस तथा बर्नार्ड वाइनर ने इसे विस्तारित किया।
मूल अवधारणाएँ
प्रमुख सैद्धांतिक
व्यावहारिक प्रासंगिकता
Mana की बात
Mana आपको याद दिलाती है: दूसरों के कार्यों को आंकने से पहले, रुककर पूछें कि क्या परिस्थिति की भी कोई भूमिका हो सकती थी। और जब बात खुद की हो — वही उदारता दिखाएँ जो आप किसी अच्छे मित्र को देते।
💡 रोज़मर्रा का उदाहरण
जब कोई मित्र परीक्षा में असफल होता है, हम सोच सकते हैं 'उसने पर्याप्त नहीं पढ़ा' (आंतरिक귀인) या 'परीक्षा असामान्य रूप से कठिन थी' (बाह्य귀인)। हम कारण कहाँ रखते हैं — यही귀인 का अर्थ है।
यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।