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Understanding the Mind

लगाव सिद्धांत

Attachment Theory

यह मनोवैज्ञानिक सिद्धांत बताता है कि बचपन में देखभाल करने वाले व्यक्ति के साथ बना भावनात्मक रिश्ता आगे चलकर भरोसे, सुरक्षा की भावना और रिश्तों के तरीके को कैसे प्रभावित करता है।

Details

लगाव सिद्धांत क्या है?

लगाव सिद्धांत John Bowlby ने विकसित किया था और Mary Ainsworth ने इसे आगे बढ़ाया। यह बताता है कि बचपन में देखभाल करने वाले व्यक्ति के साथ हमारा रिश्ता इस बात पर असर डालता है कि हम आगे चलकर नज़दीकी, सुरक्षा और सहारा कैसे खोजते हैं।

लगाव के मुख्य प्रकार

  • सुरक्षित लगाव: नज़दीकी और भरोसा अपेक्षाकृत सहज लगना
  • चिंतित लगाव: छोड़े जाने का डर और बार-बार आश्वासन की ज़रूरत
  • परिहारक लगाव: भावनात्मक नज़दीकी से बचना और खुद पर ज़्यादा निर्भर रहना
  • अव्यवस्थित लगाव: पास आना भी चाहना और उसी समय डर या उलझन महसूस करना
  • यह क्यों महत्वपूर्ण है?

    लगाव के ये पैटर्न प्रेम संबंधों, दोस्ती, परिवार और तनाव से निपटने के तरीके को प्रभावित कर सकते हैं। अच्छी बात यह है कि यह हमेशा के लिए तय नहीं होते। सुरक्षित रिश्तों, थेरेपी और आत्म-समझ के ज़रिए व्यक्ति धीरे-धीरे अधिक सुरक्षित लगाव की ओर बढ़ सकता है।

    💡 रोज़मर्रा का उदाहरण

    जिस बच्चे को बचपन में लगातार सान्त्वना और भरोसा मिला हो, वह बड़ा होकर करीबी रिश्तों में दूसरों पर थोड़ा आसानी से भरोसा कर सकता है।

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    यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।