शरीर की स्मृति
Body Memory
जब शरीर पुराने अनुभवों पर प्रतिक्रिया देता रहता है, भले ही मन पूरी तरह याद न कर पाए कि क्यों।
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शरीर की स्मृति से मतलब है कि पुराने तनावपूर्ण या आघातकारी अनुभव शरीर में प्रतिक्रिया के रूप में बने रह सकते हैं। व्यक्ति को घटना साफ़-साफ़ याद न हो, फिर भी शरीर कसाव, दिल की धड़कन तेज़ होना, मतली, जम जाना या अचानक खतरे का एहसास जैसी प्रतिक्रियाएँ दिखा सकता है।
इसका मतलब यह नहीं कि शरीर वीडियो की तरह यादें जमा करता है। इसका मतलब यह है कि तंत्रिका तंत्र खतरे के कुछ पैटर्न याद रख सकता है और मन समझे उससे पहले ही प्रतिक्रिया दे सकता है।
यह समझने में मदद मिलती है कि कई बार दिमाग कहता है कि अभी सब ठीक है, लेकिन शरीर फिर भी अलार्म बजा देता है।
💡 रोज़मर्रा का उदाहरण
कार दुर्घटना के बाद कोई व्यक्ति सालों बाद भी कार में बैठते ही कंधों में जकड़न और दिल की धड़कन तेज़ महसूस कर सकता है।
यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा निदान का विकल्प नहीं है।